अमीर और अमीर, गरीब और गरीब! देश के 1688 रईसजादों के पास है 50% GDP के बराबर दौलत

September 16, 2026
ABP
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देश में संपत्ति के बंटवारे को लेकर एक नई रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी के अनुसार, भारत में 1,688 अमीर लोगों के पास देश की 50% GDP के बराबर दौलत है.

India Wealth Inequality Report 2026: देश में संपत्ति के बंटवारे को लेकर एक नई रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं. सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी के अनुसार, भारत में सिर्फ 1,688 अमीर लोगों के पास लगभग 166 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है, जो कुल जीडीपी का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा बनती है. जानिए इस रिपोर्ट में क्या कहा गया है?

क्या कहती है रिपोर्ट?

देश में पैसों को लेकर इस असमानता पर बड़ी बात कही गई है. रिपोर्ट में इशारा किया गया है कि मौजूदा हालात किसी हद तक औपनिवेशिक समय वाली असमानता की याद दिला रहे हैं. रिपोर्ट में इस स्थिति को संतुलित करने के लिए सुझाव भी दिए गए है. 

देश में संपत्ति के बंटवारे को लेकर जारी ‘Wealth Tracker India 2026’ रिपोर्ट में बड़ा अंतर सामने आया है. जिसे सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी ने ‘Tax the Top’ अभियान के साथ 1 अप्रैल 2026 को जारी किया है.

रिपोर्ट बताती है कि 2019 से 2025 के बीच ऊपरी वर्ग की संपत्ति में तेजी से इजाफा हुआ. जबकि निचले तबके की हिस्सेदारी में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला.

आंकड़ों से समझिए पूरा गणित

आंकड़ों की बात करें तो, देश के टॉप 1 प्रतिशत लोगों के पास 40 प्रतिशत से ज्यादा संपत्ति है. वहीं निचले 50 फीसदी लोग कुल आय के सिर्फ 15 प्रतिशत हिस्से पर निर्भर हैं.

इसी दौरान 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा संपत्ति रखने वालों की संख्या 77 प्रतिशत से बढ़ी है. जबकि उनकी कुल संपत्ति 31 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 88 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. जो करीब 227 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दिखाता है. 

अमीर हो रहे और अमीर

बीते कुछ सालों में देश के सबसे अमीर परिवारों की दौलत में तेज उछाल देखने को मिला है. मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, सावित्री जिंदल, सुनील मित्तल और शिव नादर जैसे बड़े नामों की कुल संपत्ति 2019 से 2025 के बीच करीब 400 प्रतिशत तक बढ़ गई है.

आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान मुकेश अंबानी की संपत्ति में लगभग 153 प्रतिशत का इजाफा हुआ. जबकि गौतम अडानी की दौलत 625 फीसदी तक बढ़ी. इन पांचों परिवारों की कुल संपत्ति 2019 में करीब 6.68 लाख करोड़ रुपये थी. जो 2025 तक बढ़कर लगभग 26.54 लाख करोड़ रुपये हो गई है. 

अमीरों पर टैक्स से बढ़ सकती है सरकार की कमाई

रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि बेहद अमीर लोगों पर progressive वेल्थ टैक्स लागू करने से सरकार की इनकम में बड़ा इजाफा हो सकता है. सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी के मुताबिक, 1,688 सबसे धनी परिवारों पर 2 से 6 प्रतिशत तक का टैक्स और साथ में एक-तिहाई इनहेरिटेंस टैक्स लगाया जाए, तो हर साल करीब 10.63 लाख करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं.

इन पैसों का उपयोग सामाजिक योजनाओं पर किया जा सकता है. जिससे गरीब परिवारों तक पहले की तुलना में ज्यादा मदद पहुंचेगी. जिससे दोनों वर्गों के बीच असमानता को कम करने में मदद मिलेगी.  

This article was originally published in ABP News and you can read here.

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