
किताब: भारत में आर्थिक तबाही
पिछले साढ़े चार वर्षों में, देश एक बड़ी सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल से गुजरा है जैसा पहले कभी नहीं था। हाल के इतिहास में कभी भी एक साथ देश के इतने बड़े समूह को और विशेषकर समाज में हाशिए पर रहे लोगों को इतनी परेशानी से नहीं गुजरना पड़ा है। समाज के प्रत्येक वर्ग को देखते हुए, चाहे वह किसान हो...