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Smitu Kothari Fellowship
हीरा खनन के पहले या हम कह सकते कि जब ऑस्ट्रेलिया की बहुराष्ट्रीय कंपनी रियो टिंटो द्वारा बक्सवाहा जंगल परिक्षेत्र में...
बक्सवाहा के जंगल के नीचे हीरे पाए जाने की खोज जबसे रियो टिंटो कंपनी ने की है, तब से बक्सवाहा क्षेत्र के भौतिकवादी विकास ...
कोविड-19 के बाद से उद्योगों को आर्थिक संकट झेलना पड़ा है। इन दो सालों में कई फैक्ट्रियों के बंद हो जाने से अनगिनत लोगों क...
February 24, 2022
हवा या हीरा | भाग 4
भौतिकवादी विकास करते – करते आज हम उस मुहाने पर आ गए हैं जहां हमें यह तय करना ही होगा, कि हमें क्या चाहिए? प्रकृति के साथ सहअस्तित्व या पर्यावरण नष्ट करके मानव सभ्यता का अंत! प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करने से मेसापोटामिया व सिंधु घाटी जैसी सभ्यताएं खत्म हो गई, कैंब्रिज विश्वविद्यालय का शोध बतात...
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February 24, 2022
बक्सवाहा हीरा खनन परियोजना की हकीकत और संभावनाएं | भाग 3
राष्ट्रीय खनिज विकास निगम द्वारा पन्ना में पिछले 60 वर्षों से खनन के बावजूद पन्ना जिले का बेहतर बुनियादी सुविधाओं से दूर होना तथा बक्सवाहा बंदर डायमंड प्रोजेक्ट से ऑस्ट्रेलियाई  बहुराष्ट्रीय कंपनी रियो टिंटो के हटने के बाद, जब एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्री लिमिटेड खनन करेंगी तब  हम बक्सवा...
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February 24, 2022
रियो टिंटो के समय और उसके पहले का बक्सवाहा क्षेत्र | भाग 2
हीरा खनन के पहले या हम कह सकते कि जब ऑस्ट्रेलिया की बहुराष्ट्रीय कंपनी रियो टिंटो द्वारा बक्सवाहा जंगल परिक्षेत्र में शोध कार्य किया गया तब स्थानीय लोग, जिसमें बहुसंख्यक शोर, कुर्रा व बड़ेला आदिवासी तथा यादव समाज है; की स्थिति क्या बदली और जंगल के प्रति उनकी सोच क्या है? रियो टिंटो के बारे में &#...
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February 24, 2022
हीरा खनन परियोजना से पन्ना जिले का विकास कहां पहुंचा | भाग 1
बक्सवाहा के जंगल के नीचे हीरे पाए जाने की खोज जबसे रियो टिंटो कंपनी ने की है, तब से बक्सवाहा क्षेत्र के भौतिकवादी विकास और रोजगार के अवसरों की चर्चा जोरों पर है, स्थानीय लोगों की अपनी अलग – अलग सोच और विकास के मापदण्ड है और शहरी लोगो ने  कोरोना काल में  ऑक्सीजन का जो संकट झेला है, भले ही प्राण...
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December 24, 2021
कोविड की चपेट में मध्यप्रदेश की पहचान बाघ प्रिंट
कोविड-19 के बाद से उद्योगों को आर्थिक संकट झेलना पड़ा है। इन दो सालों में कई फैक्ट्रियों के बंद हो जाने से अनगिनत लोगों का रोजगार छिन गया। वहीं अनेक लघु उद्योग बंद होने की कगार पर आ गए हैं। सभी क्षेत्रों की तरह कपड़ा उद्योग में भी कोविड-19 का बुरा असर हुआ है। कपड़ों की बिक्री न होने की वजह से फैक्ट्रिय...
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