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Energy
February 27, 2025
जलवायु परिवर्तन संकट में ताप विद्युत संयंत्रों की भूमिका
जलवायु परिवर्तन का संकट तो वैश्विक समस्या है। जिसके कई कारण हैं, जैसे कि जीवाश्म ईंधनों (कोयला,तेल और गैस) का जलना, वनों की कटाई और कृषि। वनों की कटाई विकास परियोजनाओं, कृषि विस्तार और पशुपालन वृद्धि के लिए चारा उपलब्ध कराना आदि प्रमुख कारण है। गाय और भेड़ बडी मात्रा में मीथेन का उत्पादन करती है जो ...
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February 25, 2025
थर्मल प्लांट के राख से त्रस्त किसान और जनता
Photo by Makarand Purohit/Flickr.भारत की लगभग 71.22 प्रतिशत बिजली कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों से उत्पन्न होती है। देश में 180 ताप विद्युत संयंत्रों की कुल उत्पादन क्षमता 212 गीगावाट (1 गीगावाट=1000 मेगावाट) है जिसे 2030 तक बढ़ाकर 260 गीगावाट किया जाना है। ग्राउंड रिपोर्टर शिशिर अग्रवाल के अनु...
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Victory for public health and the environment! The International Finance Corporation (IFC) withdraws from the proposed investment of USD 40 million for four waste incineration plants in Gujarat, India.
SOLIDARITY PRESS RELEASE February 21, 2025 – In a major victory for communities, environmental groups, and civil society organisations (CSOs) who have been fighting against the proposed toxic and polluting Waste-to-Energy (WTE) incineration projects in Gujarat, India, the International Finance Corpo...
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January 25, 2025
सौर से सस्ती होगी बिजली   
भले ही दो दिन बाद सर्वशक्तिमान माने जाने वाले अमरीका का राजपाट एक ऐसे व्यक्ति के हाथों में आ जाए जिसमें जलवायु परिवर्तन पर हुआ ‘पेरिस समझौता’ जरा भी नहीं सुहाता, लेकिन लगातार बढ़ता तापक्रम ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की जरूरत रेखांकित करता ही है। जीवाश्म ईंधन की जगह अब वायु और सौर ऊर्जा ने ले ली है। प...
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