
पिछड़ता पर्यावरण
जिन वन और वन्यप्राणियों को इंसानी हस्तक्षेप से बचाने की खातिर समूची सरकारी ताकत जंगलों में बसे इक्का-दुक्का गांवों को खदेड़ने में लगी है, उन्हीं वनों को दान-दक्षिणा में पूंजीपतियों को सौंपा जा रहा है। क्या इस तरह की मौजूदा नीतियां जंगलों को सुरक्षित, संरक्षित कर पाएंगी?
‘वैश्विक प्रकृति संरक्षण सूचक...