
निजीकरण से निपटाई जाती रेलवे
पिछले बजट सत्र (2020-2021) से ही सरकार ने अनेक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के निजीकरण की घोषणा की है। भारतीय रेल इनमें से एक है। सरकार ‘एसेट मॉनीटाइज़शन’ के द्वारा रेलवे से 90,000 करोड़ रुपयों की वसूली चाहती है। सरकार का कहना है कि अनेक संपत्तियां बिना उपयोग के पड़ी हैं। इनमें जमीन सबसे ऊपर है। आज रे...