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Madhya Pradesh
जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम) का हैदराबाद में राष्ट्रीय अधिवेशन था, जो 1 से 4 मार्च तक चला।इस राष्ट्रीय अधिव...
ईरान के शहर रामसर के केस्पियन सागर तट पर दो फरवरी 1971 को अंतर्राष्ट्रीय वेटलैंड (आद्रभूमि) कन्वेंशन का आयोजन हुआ था। जि...
जिन वन और वन्यप्राणियों को इंसानी हस्तक्षेप से बचाने की खातिर समूची सरकारी ताकत जंगलों में बसे इक्का-दुक्का गांवों को खद...
August 28, 2025
पर्यावरणीय मंजूरी विवाद की जमीनी स्थिति
मध्यप्रदेश राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (सिया) की कार्यशैली को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।मई 2025 में, सिया ने एक दिन में ही 450 परियोजनाओं को मंजूरी देकर स्वीकृत कर दिया गया था। जबकि आवश्यकता अनुसार साझी बैठक बुलाना अनिवार्य था। इस प्रक्रिया में बैठक आयोजित नहीं की गई, फाइलें जान...
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May 30, 2025
जलाशयों की ठेकेदारी, मछुआरों पर भारी
जल के विविध स्रोतों में तालाब, नदी और जलाशय शामिल है। इसी जलसंपदा में मछली की विविध प्रजातियां करोड़ों लोगों के लिए अन्न सुरक्षा देती है तथा मछुआरों के लिए आजीविका का आधार भी बनती है। स्थानीय मछुआरों का जल और जलसंपदा पर अधिकार सुनिश्चित हो इसके लिए शासकीय सहयोग प्राप्त होना जरूरी होता है। आज प्राकृत...
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May 14, 2025
वन भूमि अतिक्रमण को लेकर सरकारी दावों में विरोधाभास
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को दिए गए हलफनामे में बताया है कि 5.46 लाख हेक्टेयर वन भूमि पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। एनजीटी ने वन भूमि पर अतिक्रमण का स्वत: संज्ञान लेते हुए सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से ये जानकारी मांगी थी।वन विभाग के वार्षिक प्रशासकीय प्रतिवेदन ...
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March 31, 2025
लाखों आदिवासियों और वनवासियों परबेदखली के आदेश का खतरा
आगामी 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में वन अधिकार कानून पर महत्वपूर्ण केस की सुनवाई होगी। ज्ञात हो कि 2019 में जब इस मामले की सुनवाई हुई थी,तब सत्रह लाख से भी अधिक परिवारों को संभावित बेदखली का सामना करना पड़ा था। हालांकि तब कोर्ट ने अपने इस आदेश को रोक दिया था और परिवारों पर मंडरा रहे बेदखली के संकट को...
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March 9, 2025
परमाणु ऊर्जा का बहिष्कार: सतत और जनकेंद्रित ऊर्जा नीतियों की मांग
जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम) का हैदराबाद में राष्ट्रीय अधिवेशन था, जो 1 से 4 मार्च तक चला।इस राष्ट्रीय अधिवेशन में नेशनल अलायंस फॉर क्लाइमेट एंड इकोलॉजिकल जस्टिस, नेशनल अलायंस ऑफ एंटी-न्यूक्लियर मूवमेंट्स और चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दादु लाल कुङापे एवं बरगी बांध विस्थ...
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February 27, 2025
जलवायु परिवर्तन संकट में ताप विद्युत संयंत्रों की भूमिका
जलवायु परिवर्तन का संकट तो वैश्विक समस्या है। जिसके कई कारण हैं, जैसे कि जीवाश्म ईंधनों (कोयला,तेल और गैस) का जलना, वनों की कटाई और कृषि। वनों की कटाई विकास परियोजनाओं, कृषि विस्तार और पशुपालन वृद्धि के लिए चारा उपलब्ध कराना आदि प्रमुख कारण है। गाय और भेड़ बडी मात्रा में मीथेन का उत्पादन करती है जो ...
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February 4, 2025
विश्व आर्द्रभूमि दिवस ( 2 फरवरी) पर विशेषआद्रभूमि को संरक्षित करने का सार्थक प्रयास आवश्यक
ईरान के शहर रामसर के केस्पियन सागर तट पर दो फरवरी 1971 को अंतर्राष्ट्रीय वेटलैंड (आद्रभूमि) कन्वेंशन का आयोजन हुआ था। जिसमें संयुक्त राष्ट्र संघ ने दो फरवरी को आद्रभूमि दिवस घोषित किया था। जो आद्रभूमि विश्व भर में जैवविविधता और मानव के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है, उन्हें ‘रामसर साईट’...
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November 18, 2024
पिछड़ता पर्यावरण
जिन वन और वन्यप्राणियों को इंसानी हस्तक्षेप से बचाने की खातिर समूची सरकारी ताकत जंगलों में बसे इक्का-दुक्का गांवों को खदेड़ने में लगी है, उन्हीं वनों को दान-दक्षिणा में पूंजीपतियों को सौंपा जा रहा है। क्या इस तरह की मौजूदा नीतियां जंगलों को सुरक्षित, संरक्षित कर पाएंगी? ‘वैश्विक प्रकृति संरक्षण सूचक...
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चुटका निर्माण के सवालों पर व्यापक विमर्श हो
चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति के दादू लाल कुङापे और मीरा बाई मरावी तथा बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राज कुमार सिन्हा ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि चुटका परमाणु संयंत्र निर्माण में तेजी लाने की खबर से क्षेत्र में हलचल शुरू हो गया है। परियोजना को लेकर संगठन और विशेषज्ञों द...
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