
पूंजी, प्रकृति और नीति: बजट में जलवायु न्याय की तलाश
पर्यावरण के साथ पूंजी के संबंध मामले में पहले की तमाम बुराइयां आज उन क्षेत्रों में प्रकट हो गयी है जिन्हें आमतौर पर “पर्यावरण संकट” कहते हैं, जिसके अंतर्गत ग्लोबल वार्मिंग, ओजोन सतह का ध्वंस, उष्णकटिबन्ध के जंगलों का विनाश, मछलियों का बेतहाशा मरना, प्रजातियों का विलोप,जैव विविधता का...