
प्रकृति का मौन विलाप: विलुप्त होती प्रजातियों की पुकार
धरती पर जीवन का इतिहास करोड़ों वर्षों पुराना है, जिसमें असंख्य प्रजातियां उत्पन्न हुई और समय के साथ समाप्त भी हो गई। यह प्रक्रिया प्राकृतिक रूप से भी होती रही है, लेकिन आधुनिक काल में मानव गतिविधियों ने इसे असामान्य रूप से तेज कर दिया है। पहले भी ज्वालामुखी, उल्कापिंड की टक्कर और प्राकृतिक जलवा...