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Environment
ईरान के शहर रामसर के केस्पियन सागर तट पर दो फरवरी 1971 को अंतर्राष्ट्रीय वेटलैंड (आद्रभूमि) कन्वेंशन का आयोजन हुआ था। जि...
जिन वन और वन्यप्राणियों को इंसानी हस्तक्षेप से बचाने की खातिर समूची सरकारी ताकत जंगलों में बसे इक्का-दुक्का गांवों को खद...
December 2, 2025
चरम मौसम की घटनाएं जानलेवा साबित हो रहा है
भारत में चरम मौसम (एक्स्ट्रीम वेदर ) तेजी से बढ़ रहे हैं और अब यह केवल मौसमी उतार–चढ़ाव नहीं, बल्कि जीवन और आजीविका के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। हीटवेव, बाढ़, चक्रवात, सूखा, बादल फटना, आकाशिय बिजली गिरने, समुद्री तूफान और हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियर झील फटना जैसी घटनाएं पिछले एक दशक में रि...
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Victory for public health and the environment! The International Finance Corporation (IFC) withdraws from the proposed investment of USD 40 million for four waste incineration plants in Gujarat, India.
SOLIDARITY PRESS RELEASE February 21, 2025 – In a major victory for communities, environmental groups, and civil society organisations (CSOs) who have been fighting against the proposed toxic and polluting Waste-to-Energy (WTE) incineration projects in Gujarat, India, the International Finance Corpo...
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February 4, 2025
विश्व आर्द्रभूमि दिवस ( 2 फरवरी) पर विशेषआद्रभूमि को संरक्षित करने का सार्थक प्रयास आवश्यक
ईरान के शहर रामसर के केस्पियन सागर तट पर दो फरवरी 1971 को अंतर्राष्ट्रीय वेटलैंड (आद्रभूमि) कन्वेंशन का आयोजन हुआ था। जिसमें संयुक्त राष्ट्र संघ ने दो फरवरी को आद्रभूमि दिवस घोषित किया था। जो आद्रभूमि विश्व भर में जैवविविधता और मानव के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है, उन्हें ‘रामसर साईट’...
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November 18, 2024
पिछड़ता पर्यावरण
जिन वन और वन्यप्राणियों को इंसानी हस्तक्षेप से बचाने की खातिर समूची सरकारी ताकत जंगलों में बसे इक्का-दुक्का गांवों को खदेड़ने में लगी है, उन्हीं वनों को दान-दक्षिणा में पूंजीपतियों को सौंपा जा रहा है। क्या इस तरह की मौजूदा नीतियां जंगलों को सुरक्षित, संरक्षित कर पाएंगी? ‘वैश्विक प्रकृति संरक्षण सूचक...
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